Ritu Yadavलेखिका एक संवेदनशील और भावनाओं से भरपूर व्यक्तित्व हैं, जो अपने जज़्बातों को शब्दों में ढालकर सुकून पाती हैं। एक गृहिणी होते हुए भी उनके भीतर एक सशक्त कवयित्री बसती है। लंबे अंतराल के बाद जब उन्होंने दोबारा कलम उठाई, तो ज़िंदगी के खामोश लम्हे, संघर्षं की परछाइयाँ और अनकहे एहसास कविता बनकर कागज़ पर उतरने लगे। उनकी रचनाएँ सरल होते हुए भी दिल को गहराई से छू जाती हैं। लेखन उनके लिए सिर्फ एक कला नहीं, बल्कि आत्मा से संवाद करने का माध्यम है-जहाँ वो खुद को भी पाती हैं और पाठकों से जुड़ती भी हैं। Read More Read Less
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